karwa chauth 2020 ka mahurt


 करवा चौथ 2020 ब्रत क्या है ? (What is karwa chauth fast 2020?)

    करवा चौथ ब्रत सौभाग्यवती (सुहागिन) नारियों का पर्व है करवा चौथ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है पहला है करवा जिसका अर्थ है मिट्टी का बरतन तथा दूसरा है चौथ जिसका का अर्थ है चतुर्थी। इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन अर्थात करवा का विशेष महत्व होता है परंतु यदि मिट्टी का करवा नहीं है तो धातु के करवा से भी पूजन किया जा सकता है।             

विवाहित महिलायें यह ब्रत अपने पति की लम्बी आयु के लिए करती है जिसमें गौरी व गणेश जी का पूजन किया जाता है व चन्द्रमा का दर्शन और अर्ध्य (जल अर्पित करना) देने के बाद ही उपवास तोडा जाता है। करवा चौथ का ब्रत सूर्योदय के बाद रात में चन्द्रमा के दर्शन तक बिना कोई भोजन या पानी की एक बूंद भी ग्रहण किये सख्त रूप से मनाया जाता है करवा चौथ के दिन को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।


आइये जानते है इस वर्ष 2020 में करवा चौथ के कुछ रोचक तथ्य

इस बार कब मनाया जायेगा करवा चौथ (karwa chauth 2020 date and mahurt?)

   इस वर्ष 2020 में करवा चौथ का त्योहार 4 नवम्बर 2020 को मनाया जायेगा। यह ब्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष के चतुर्थी के दिन मनाया जाता है इसके उपवास का समय प्रातः 6.35 से रात्रि 8.14 बजे तक है।

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ सुबह तडके 03.25 बजे 04 नवम्बर 2020

चतुर्थी तिथि समाप्ति सुबह 05.15 बजे 05 नवम्बर 2020

शुभ मुहूर्त (karwa chauth 2020 Mahurt?)

04 नवम्बर 2020 को करवा चौथ पंचांग के अनुशार शायं 05.35 बजे से 06.53 बजे के बीच पूजा करना शुभ माना जा रहा है।

करवा चौथ 2020 को चांद का समय (karwa chauth 2020 moon Arising time)

अगर चांद निकलने की बात की जाय तो जो महिलाएं इस ब्रत को रखती हैं उन्हे चंद्र दर्शन करने का बेसब्री से इंतजार होता है तो इस बार चांद 04 नवम्बर 2020 रात्रि 08.12 बजे लगभग निकलने की सम्भावना है।  

करवा चौथ ब्रत 2020 से जुडी मान्यता (Recognition of karwa chauth fast 2020)

माना जाता है कि जो स्त्री करवा चौथ ब्रत रखती है उसे सुबह नित्य कर्मों से निब्रत होकर स्नान व संध्या आदि करने के पश्चात आचमन लेकर यह कहना होता है कि मैं अपने पुत्र-पु़त्रियों आदि तथा निश्चल सम्पत्ति की प्राप्ति के लिए करवा चौथ का ब्रत करूंगी। यह ब्रत निराहार ही नहीं बल्कि निर्जला के रूप में करना अधिक फल दायी माना जाता है।


      जब चांद निकलता है तो सभी विवाहित स्त्रियां चांद को देखती हैं तथा पूजा करने के बाद अपना ब्रत तोडती हैं तथा जीवन के हर मोड पर अपने पति का साथ निभाने का वचन देती हैं। चन्द्र देव के साथ साथ भगवान शिव देवी पार्वती और कार्तिकेय की भी पूजा की जाती है माना जाता है कि यदि इन सभी की पूजा की जाय तो माता पार्वती के आशीर्वाद से जीवन में सभी प्रकार के सुख मिलते है।

करवा चौथ ब्रत 2020 की पूजन विधि (karwa chauth 2020 worship method)

सायंकाल में किसी ब्राह्म्मण या पुरोहित से कथा सुनें व श्रद्धानुसार दान दक्षिणा दें उसके बाद जब रात्रि में पूर्ण चन्द्रोदय हो जाय तब चन्द्रमा को छलनी से देखकर अर्ध्र्य (जल अर्पित करें) दें आरती उतारें और अपने पति का दर्शन करते हुए पूजा करें इस ब्रत को करने से पति की लम्बी उम्र होती है तत्पस्चात पति के हाथ से पानी पीकर ब्रत तोडें।

करवा चौथ ब्रत कथा (karwa chauth fast Story)

करवा चौथ ब्रत कथा का सार यह है कि शाकप्रस्थपुर में वेदधर्मा नाम के ब्रहम्मण की विवाहित पुत्री वीरवती ने करवा चौथ ब्रत रखा था। नियमानुशार उसे चन्द्रोदय के पश्चात पूजन करने के उपरान्त भोजन करना था लेकिन वह भूख न सह सकी और व्याकुल हो उठी। अपनी बहन को व्याकुल देखकर उसके भाइयों से रहा न गया और उन्होंने सोचा यदि चांद जल्दी निकल आये तो हमारी बहन पूजा करने के बाद भोजन कर सकेगी परंतु चांद को देर से निकला देख उन्होंने एक युक्ति सोची और एक पेड की आड में होकर आतिसवाजी का प्रकाश कर दिया जिससे बहन को चांद सा प्रतीत हो और बहन को चन्द्रोदय दिखा कर भोजन करा दिया।

      परिणाम यह हुआ कि उसका पति तत्काल अद्रश्य हो गया। अधीर वीरवती ने बारह माह तक प्रत्येक चतुर्थी को ब्रत रखा और करवा चौथ के दिन उसकी तपस्या से उसका पति पुनः प्राप्त हो गया।

इस बार विशेष फलदायी होगा करवा चौथ ब्रत (Exclusive Fruitful karwa chauth 2020)

इस बार करवा चौथ ब्रत और पूजन दोनों ही विशेष हैं। क्योंकि ज्योतिसियों के अनुसार इस बार सत्तर साल बाद ऐसा संयोग है जिसमें रोहिणी नक्षत्र और मंगल एक साथ हों ऐसा योग बन रहा है ज्योतिष के अनुसार यह योग करवा चौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है।

करवा चौथ 2020 में मेंहदी का महत्व (Importance of Mehndi)

मेंहदी का भी करवा चौथ ब्रत में बडा महत्व है मेंहदी सौभाग्य की निशानी मानी जाती है। भारत में ऐसी मान्यता है कि जिस लडकी या महिला के हाथों की मेंहदी ज्यादा गहरी रचती है , उसे अपने पति तथा ससुराल से अधिक प्रेम मिलता है। लोग ऐसा भी मानते है कि गहरी रची मेंहदी आपके पति की लम्बी उम्र तथा अच्छा स्वास्थ्य भी दर्शाती है। 

करवा चौथ ब्रत 2020 से जुडी पूजन सामग्री (Worship Material of karwa chauth 2020)

1 गंगाजल

2 मिठाई

3 दही

4 शु़द्ध देशी घी

5 सक्कर

6 कच्चा दूध

7 पुष्प

8 अगरबत्ती

9 शहद

10 चन्दन

11 कुंकू

12 अच्छत (चावल)

13 सिंदूर

14 चूडी

15 बिंदी

16 महावर

17 मेहंदी

18 चुनरी

19 बिछुआ

20 मिट्टी का टोंटी दार करवा व ढक्कन

21 दीपक

22 रूई

23 कपूर

24 गेहूं

25 सक्कर का बूरा

26 हल्दी

27 पानी का लोटा

28 गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी अथ्वा करवा चौथ का कलेंण्डर

29 लकडी का आसन

30 दान करने के लिए पैसे

31 आठ पूडियां

32 चलनी


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